शिक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर स्वीकार किया कि शिक्षा क्षेत्र में अपेक्षा से अधिक व्यवधान उत्पन्न हुए। उन्होंने ‘गंभीर लापरवाही’ के आरोपों को खारिज किया, लेकिन स्वीकार किया कि वे उन सभी चीजों के लिए अंतिम रूप से जिम्मेदार हैं जो गलत हुईं। मंत्री ने कहा कि जब उन्हें लगेगा कि वे पद के लिए उपयुक्त नहीं हैं, तो वे इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान आई चुनौतियों को स्वीकार किया और सुधार की प्रतिबद्धता जताई। यह बयान देश में शिक्षा प्रणाली से संबंधित बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। मंत्री के इस्तीफे की संभावना पर भी अटकलें लगाई जा रही हैं। यह घटना शिक्षा नीति और नेतृत्व के बारे में महत्वपूर्ण सवाल उठाती है।

English
Français
Español
हिन्दी
中文