आगामी 2026 के लिए सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट प्रस्ताव पर तीन अर्थशास्त्रियों ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे 'भय का प्रदर्शन' बताते हुए कहा कि यह बजट महंगाई को बढ़ावा देगा और इसमें आवश्यक सुधारों का अभाव है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार, बजट में कई गणितीय विसंगतियां हैं और यह आंतरिक विरोधाभासों से भरा हुआ है। उन्होंने इस बजट को 'जनवादी' दृष्टिकोण से प्रेरित बताया, जो दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता के लिए हानिकारक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट वास्तविकता से दूर है और इसे खारिज किए जाने की संभावना है। इस बजट में आर्थिक विकास को गति देने के लिए ठोस योजनाओं का अभाव है, जिससे भविष्य में आर्थिक चुनौतियां बढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर, अर्थशास्त्रियों ने इस बजट को देश की अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक बताया है।
