यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने ब्याज दरें बढ़ाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया, जिसे अपरिहार्य माना जा रहा था। ईसीबी प्रमुख क्रिस्टीन लागार्ड ने 2022 के मुद्रास्फीति के उभार और वर्तमान स्थिति के बीच के अंतर पर जोर देना बंद कर दिया है। इस निर्णय पर कोई वैकल्पिक विचार-विमर्श नहीं किया गया। हालांकि, पुर्तगाल के वित्त मंत्री मिरांडा सारमेंटो इस फैसले से असहमत हैं। सारमेंटो का मानना है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों में ब्याज दरें बढ़ाना उचित नहीं था। यह निर्णय यूरो क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव को लेकर बहस को जन्म दे सकता है। ईसीबी का यह कदम मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के प्रयासों का हिस्सा है, जबकि सरकार आर्थिक विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।