पूर्वी कांगो में शांति प्रक्रिया पर संकट गहरा गया है। वाशिंगटन में हुए समझौते के बाद रवांडा द्वारा अपनी सेना वापस बुलाने की उम्मीद जून के मध्य तक थी, लेकिन अभी तक कोई प्रगति नहीं हुई है। कांगो और रवांडा एक दूसरे पर समझौते को लागू करने में विफल रहने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय साझेदार भी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। इससे समझौते के कार्यान्वयन पर संदेह पैदा हो गया है। स्थिति जस की तस बनी हुई है और प्रतिबंध जारी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो पूर्वी कांगो में शांति प्रक्रिया पूरी तरह से विफल हो सकती है। यह क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकता है।

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