कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) ने बेल्जियम से औपनिवेशिक काल के दौरान लूटे गए मानव अवशेषों की वापसी का आधिकारिक अनुरोध किया है। यह मांग आठ वर्षों से चल रही बातचीत का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कलाकृतियों और सांस्कृतिक धरोहरों को कांगो को वापस लौटाना है। बातचीत का मुख्य केंद्र बिंदु टर्व्यूरन के अफ्रीका संग्रहालय में रखे गए संग्रह हैं, जिनकी सूची बनाई जा रही है ताकि उन्हें किंशासा के संग्रहालय को सौंपा जा सके। हालांकि, विवादित "मानव संग्रह", विशेष रूप से बेल्जियम के संग्रहालयों में रखे गए अफ्रीकी खोपड़ियों का मुद्दा भी सामने आया है। इन अवशेषों की उत्पत्ति और अधिग्रहण की परिस्थितियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांगो सरकार इन अवशेषों को अपने देश वापस लाने के लिए दृढ़ है, जो औपनिवेशिक अतीत के घावों को भरने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह मुद्दा बेल्जियम और कांगो के बीच संबंधों में एक संवेदनशील विषय बना हुआ है।
