लैटिन अमेरिकी देशों में डिजिटल हिंसा, विशेष रूप से महिलाओं के खिलाफ, एक गंभीर समस्या बन गई है। सरकारों ने इस हिंसा को रोकने और पीड़ितों को सहायता प्रदान करने में विफल रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हिंसा पितृसत्तात्मक एल्गोरिदम का परिणाम है, जो लैंगिक असमानता को बढ़ावा देते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए, एक मॉडल कानून प्रस्तावित किया गया है जो सुरक्षा के उपाय प्रदान करता है। यह कानून डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उत्पीड़न और हिंसा के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करता है। यह कानून पीड़ितों के लिए कानूनी सहारा और सहायता सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। डिजिटल हिंसा के बढ़ते मामलों को देखते हुए, इस मॉडल कानून को लागू करने की आवश्यकता है।