डेनमार्क सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से परीक्षा में धोखाधड़ी रोकने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब 16 से 19 वर्ष के छात्रों को लिखित निबंधों को मौखिक रूप से प्रस्तुत करना होगा। इसका उद्देश्य एआई के उपयोग से होने वाली धोखाधड़ी को रोकना है। छात्रों को स्कूल में नियंत्रित वातावरण में अपने लिखित कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जहाँ उनकी कंप्यूटर स्क्रीन की निगरानी की जाएगी। यह कदम डेनमार्क की 'जिम्नासीयट' (उच्च माध्यमिक विद्यालय) के छात्रों पर लागू होगा। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों की ईमानदारी और शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा मिलेगा। 'द गार्जियन' के अनुसार, यह पहल एआई के बढ़ते उपयोग और शिक्षा में इसकी चुनौतियों का सामना करने का एक प्रयास है।