डेनमार्क यूक्रेन के मोर्चे पर सैकड़ों सैनिकों की तैनाती कर रहा है, लेकिन ये वास्तविक इंसान नहीं बल्कि पुतले हैं। इन 'घोस्ट सोल्जर्स' को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे बिल्कुल इंसानों की तरह दिखें। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य रूसी सेना को भ्रमित करना और उन्हें गुमराह करना है। स्कैंडिक डिफेंस के सह-मालिक मार्टिन थिस्टेड लार्सन ने टीवी2 को बताया कि इनका उपयोग दुश्मन को धोखा देने के लिए किया जाएगा। इन पुतलों की मदद से रूसी बलों को वास्तविक सैन्य उपस्थिति का भ्रम होगा। यह एक मनोवैज्ञानिक युद्ध रणनीति है जिससे मोर्चे पर सामरिक लाभ मिल सके। इस कदम से युद्ध क्षेत्र में सुरक्षा और रणनीति को नया आयाम मिलने की उम्मीद है।