एस्टोनियाई सांसद मार्को मिहकेलसन के अनुसार, पश्चिमी देशों को रूस के साथ बातचीत या भविष्य में हमले रोकने के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, यूक्रेन युद्ध में रूस की हार सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका तर्क है कि रूस की हार ही यह संदेश देगी कि आक्रामकता एक व्यवहार्य रणनीति नहीं है। मिहकेलसन का मानना है कि रूस को पराजित करने से ही वैश्विक सुरक्षा स्थापित हो सकती है। वर्तमान में, पश्चिमी देशों का ध्यान रूस को रोकने के उपायों पर अधिक है, जो कि पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि रूस की शक्ति को कम करना और उसे भविष्य में आक्रमण करने से रोकना आवश्यक है। यह लेख एस्टोनियाई समाचार पत्र ‘एदासी’ में प्रकाशित हुआ था। मिहकेलसन ने इस बात पर जोर दिया है कि रूस की हार के बाद ही यूरोप में शांति और स्थिरता की उम्मीद की जा सकती है।
