नई दिल्ली। दुग्ध कंपनियों और डेयरी किसानों के बीच दूध खरीद संबंधी वार्ता आज से शुरू हुई है। यह वार्ता 2028 तक के लिए दूध की खरीद मात्रा निर्धारित करेगी। मुख्य रूप से पेय दूध की मात्रा में अधिकतम 43,000 टन की कमी पर विचार किया जा रहा है। यह निर्णय डेयरी उद्योग में दूध की आपूर्ति और मांग को संतुलित करने के उद्देश्य से लिया गया है। वार्ता का उद्देश्य किसानों और कंपनियों के बीच एक समझौता खोजना है जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो। इस प्रक्रिया से दूध की कीमतों और बाजार स्थिरता पर भी असर पड़ सकता है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और स्पष्टता आएगी।
