चेक गणराज्य में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं व्यापक हैं, पिछले वर्ष लगभग 80% आबादी इससे प्रभावित हुई है। हेडेपी प्लेटफॉर्म के लिए इप्सोस एजेंसी द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण के अनुसार, महिलाएं और युवा विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। सर्वेक्षण चेक गणराज्य के साथ-साथ स्लोवाकिया, पोलैंड, हंगरी, लिथुआनिया और रोमानिया में भी आयोजित किया गया था। चेक गणराज्य में लोग आमतौर पर थेरेपी लेने से हिचकिचाते नहीं हैं, परन्तु पैसे की कमी, लंबी प्रतीक्षा सूची और योग्य थेरेपिस्ट को खोजने में कठिनाई के कारण उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाता है। थेरेपिस्ट ढूंढने में आने वाली बाधाओं के कारण लोग उचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्राप्त करने में असमर्थ हैं, जिससे स्थिति और भी जटिल हो जाती है। यह सर्वेक्षण इन देशों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है।

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