राष्ट्रपति पेट्र पावेल नाटो शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा परिषद की बैठक में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबिश के साथ मुलाकात की। यह बैठक सरकारी कार्यालय में सुबह से चल रही थी। बैठक का मुख्य विषय 2040 तक चेक सेना के निर्माण की अवधारणा पर चर्चा जारी रखना था, जिसे जून के मध्य में पूरा नहीं किया जा सका था। इस बैठक में राज्य के सर्वोच्च प्रतिनिधियों ने इस महत्वपूर्ण रक्षा योजना पर विचार किया। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की यह आमने-सामने की बातचीत आगामी नाटो शिखर सम्मेलन से पहले हुई है। बैठक का उद्देश्य सेना के आधुनिकीकरण की योजना को अंतिम रूप देना और राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस घटनाक्रम से नाटो शिखर सम्मेलन में चेक गणराज्य की भूमिका और रक्षा नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।