५७ वर्षीय एनेटा बेनेडिक्टोवा ने एक नए जीवन की तलाश में लैटिन अमेरिका की यात्रा करने का फैसला किया। उन्होंने स्पेनिश भाषा भी नहीं जानी थी, फिर भी पेरू और मैक्सिको की यात्रा की। यह यात्रा उनके जीवन में इतनी महत्वपूर्ण थी कि वापस चेक गणराज्य लौटने के बाद, उन्होंने युकाटन में बसने का निर्णय लिया। वर्ष २०२३ से युकाटन उनका घर बन गया है। वह माया सभ्यता के वंशजों के बीच जीवन और अपने अनुभवों को "स्लेपाMapa" नामक पॉडकास्ट में साझा कर रही हैं। उनकी यह कहानी जीवन में बदलाव लाने और नए अवसरों की तलाश करने की प्रेरणा देती है।