आंतरिक मंत्रालय ने 2023 की पहली छमाही के लिए चरमपंथ और पूर्वाग्रहपूर्ण घृणा की अभिव्यक्ति पर अपनी रिपोर्ट में 'स्वोबोदा ए प्रिम्या डेमोक्रेसी' (एसपीडी) आंदोलन के अधिकारों का उल्लंघन किया है। प्राग 7 के जिला न्यायालय ने यह फैसला दिया है, हालांकि यह अभी भी अंतिम नहीं है। अदालत ने एसपीडी को मंत्रालय से माफी देने का आदेश नहीं दिया है। मंत्रालय के इस फैसले के खिलाफ प्राग की नगर अदालत में अपील की जा सकती है। एसपीडी के वकील एडम बाटुना ने कहा कि अगर मंत्रालय अपील नहीं करता है, तो एसपीडी भी अपील नहीं करेगी। यह मामला राजनीतिक अधिकारों और सरकारी रिपोर्टिंग पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। अदालत का यह फैसला एसपीडी के लिए एक बड़ी जीत है।