चेक गणराज्य के पूर्व संवैधानिक न्यायालय (Ústavní soud) अध्यक्ष पावेल रिचेत्स्की ने हाल ही में दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि संवैधानिक न्यायालय पर राजनीतिक सक्रियता का आरोप लगाने वाले लोग न्यायालय की भूमिका से अनजान हैं। उनका कहना है कि न्यायालय की भूमिका स्वाभाविक रूप से राजनीतिक है, क्योंकि यह संवैधानिक संस्थानों के बीच राजनीतिक विवादों का समाधान करता है। रिचेत्स्की ने स्पष्ट किया कि न्यायालय स्वयं यह नहीं चुनता कि किन मामलों की सुनवाई करनी है, बल्कि उसे जो भी सक्षम पक्ष द्वारा प्रस्तुत किया जाता है, उसकी सुनवाई करने के लिए बाध्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि न्यायालय की स्वतंत्रता और निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है। रिचेत्स्की के अनुसार, न्यायालय का कार्य संविधान की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी राज्य संस्थान इसके अनुसार कार्य करें। यह बयान उन हालिया आलोचनाओं के जवाब में आया है जिनमें न्यायालय पर राजनीतिक रूप से प्रेरित निर्णय लेने का आरोप लगाया गया था। रिचेत्स्की ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
