क्रोएशिया के राष्ट्रपति मिलानोविच ने हाल ही में श्री ग्लावाश से उनकी वीरता की पदवी वापस ले ली है। इस फैसले पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बाउक का मानना है कि राष्ट्रपति का यह कदम उचित है। वहीं, जोसिच ने इसे एक प्रथा बताया है, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि दिग्गजों के लिए मानदंड समान रूप से लागू होने चाहिए। यह निर्णय क्रोएशिया में बहस का विषय बन गया है, खासकर उन लोगों के बीच जो ग्लावाश के कार्यों से जुड़े हैं। इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की जा रही है। राष्ट्रपति के इस कदम से देश में सम्मान और जवाबदेही के मुद्दों पर फिर से ध्यान गया है।