पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल पर आरोप लगा है कि उन्होंने संसद की भूमिका को दरकिनार करते हुए एक आपातकालीन निकाय स्थापित करने की कोशिश की, जो पूर्व तानाशाह चोन डू-ह्वान के ‘राष्ट्रीय सुरक्षा योजना परिषद’ के समान था। यह आरोप ‘नो सांग-वोन डायरी’ के आधार पर लगाया गया है, जो एक विवादास्पद दस्तावेज है। न्यायालय ने इस मामले में प्रारंभिक सुनवाई में यह निष्कर्ष निकाला है। पूर्व न्याय मंत्री पार्क सुंग-जे के मुकदमे के दौरान यह जानकारी सामने आई। अभियोजन पक्ष का दावा है कि यून ने संवैधानिक संशोधन करने की मंशा से यह निकाय बनाने का प्रयास किया। इस मामले ने राजनीतिक हलचलों को जन्म दे दिया है और विपक्ष ने सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का आरोप लगाया है। आगे की जांच जारी है और इस मामले में और अधिक खुलासे होने की संभावना है।