पुर्तगाल में, लेखा न्यायालय (Tribunal de Contas) की अध्यक्ष फिलिपा उरबानो कालवाओ ने सरकार द्वारा प्रस्तावित सुधारों को संवैधानिक न्यायालय (Tribunal Constitucional) में भेजने की संभावना पर जोर दिया है। उन्होंने Seguro पर दबाव डाला और कहा कि उन्हें लगता है कि सरकार के प्रस्तावित सुधारों की वैधता को चुनौती देने के लिए पर्याप्त आधार हैं। कालवाओ का मानना है कि इन सुधारों की गहन समीक्षा आवश्यक है ताकि वे पुर्तगाल के संविधान का उल्लंघन न करें। यह बयान पुर्तगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि यह सरकार की नीतियों पर एक महत्वपूर्ण कानूनी चुनौती का संकेत देता है। यदि मामला आगे बढ़ता है, तो संवैधानिक न्यायालय को यह तय करना होगा कि सरकार के सुधार संवैधानिक रूप से वैध हैं या नहीं। इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई से पुर्तगाल की राजनीतिक और कानूनी व्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।