मनोचिकित्सक मोनिका गोंजालेज के अनुसार, प्रेम संबंधों में खर्चों का बँटवारा हमेशा 50/50 का नहीं होना चाहिए। बल्कि, यह प्रत्येक व्यक्ति की आय, परिस्थितियों और ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए आपसी सहमति से तय किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ज़िम्मेदारी सिर्फ़ पैसे से नहीं आँकी जानी चाहिए। घर के काम, बच्चों की देखभाल और भावनात्मक बोझ का भी समान रूप से वितरण होना आवश्यक है। एक स्वस्थ रिश्ते के लिए आर्थिक पहलू के साथ-साथ भावनात्मक और शारीरिक योगदान भी महत्वपूर्ण है। जोड़ों को अपनी व्यक्तिगत स्थिति के अनुसार एक उचित व्यवस्था बनानी चाहिए। पारदर्शिता और स्पष्ट संवाद इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि दोनों साथी सहज और संतुष्ट महसूस करें।