कोस्टा रिका में, सार्वजनिक सुरक्षा बल में सैन्य रैंकों की बहाली राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा के बीच भ्रम पैदा करती है। यह वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाती है और देश के नागरिक मॉडल को खतरे में डालती है। विशेषज्ञ तर्क देते हैं कि सैन्यीकरण से सुरक्षा में सुधार नहीं होगा, बल्कि यह नागरिक संस्थानों को कमजोर करेगा। यह कदम देश की लंबे समय से चली आ रही परंपरा के विपरीत है, जो सैन्य बलों को त्यागकर नागरिक सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करती है। आलोचकों का मानना है कि यह निर्णय सुरक्षा चिंताओं का एक सतही समाधान है, न कि एक वास्तविक दीर्घकालिक रणनीति। यह कोस्टा रिका की शांति और स्थिरता के लिए एक जोखिम है, क्योंकि इससे संभावित रूप से पुलिस की जवाबदेही कम हो सकती है और मानवाधिकारों का उल्लंघन बढ़ सकता है। इस परिवर्तन के दीर्घकालिक परिणाम अभी भी अनिश्चित हैं, लेकिन नागरिक समाज संगठन और विपक्षी दलों ने अपनी चिंता व्यक्त की है।