कांगो में इबोला वायरस के प्रकोप से अब तक 3000 से अधिक लोगों की जान चली गई है। मई के मध्य में इस महामारी को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संकट घोषित किया गया था। अब तक 6186 लोग संक्रमित पाए गए हैं, और मृत्यु दर औसतन 48 प्रतिशत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का मानना है कि यह प्रकोप पश्चिम अफ्रीका में 2014 से 2016 के बीच हुई सबसे घातक महामारी को भी पीछे छोड़ सकता है, जिसमें 11,000 लोगों की जान गई थी। इस प्रकोप का कारण दुर्लभ बुन्डीबुग्यो वायरस है, जिसके खिलाफ अभी तक कोई टीका या स्वीकृत उपचार उपलब्ध नहीं है। स्थिति गंभीर बनी हुई है और स्वास्थ्य अधिकारी इस पर नियंत्रण पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह कांगो के स्वास्थ्य प्रणाली के लिए एक बड़ी चुनौती है।