कलर लाइन ने इस साल मार्च में डे-ट्रिप (एक दिवसीय यात्रा) बुक करने वाले यात्रियों के लिए 'नो-शो' शुल्क लागू किया है, जो यात्रा पर नहीं आते हैं। कंपनी का कहना है कि इस कदम से सकारात्मक परिणाम मिले हैं। 'नो-शो' शुल्क का उद्देश्य उन यात्रियों को हतोत्साहित करना है जो बिना सूचना दिए यात्रा रद्द कर देते हैं, जिससे कंपनी को नुकसान होता है। इस शुल्क के लागू होने के बाद, बिना बताए अनुपस्थित रहने वाले यात्रियों की संख्या में कमी आई है। कलर लाइन का मानना है कि यह उपाय उनकी सेवाओं की उपलब्धता और दक्षता में सुधार करने में मदद करेगा। कंपनी ने इस शुल्क को लागू करने के पीछे अपनी परिचालन लागत को कम करने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने की मंशा जताई है। यह शुल्क डे-ट्रिप बुकिंग पर ही लागू होता है।