कोलंबिया में रविवार को राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होंगे, जिसमें दो उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इन दोनों उम्मीदवारों का जीवन किसी न किसी तरह दशकों से चले आ रहे सशस्त्र संघर्ष और चरमपंथी समूहों से जुड़ा हुआ है। ये चरमपंथी समूह, जो मूल रूप से दक्षिणपंथी जमींदारों, ड्रग तस्करों और व्यापारियों द्वारा वामपंथी गुरिल्ला समूहों से लड़ने के लिए बनाए गए थे, कोलंबिया के इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। चुनाव में खड़े दोनों उम्मीदवारों का इन समूहों से अलग-अलग तरह का संबंध रहा है। इस चुनाव का परिणाम कोलंबिया के भविष्य की दिशा तय करेगा, क्योंकि दोनों उम्मीदवारों की देश के लिए अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। कोलंबिया का यह चुनाव, लगभग पांच लाख लोगों की जान लेने वाले दशकों के संघर्ष की याद दिलाता है। यह चुनाव देश के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।
