कोलंबिया में नशीली दवाओं की नीति के कार्यान्वयन से ऐतिहासिक बहिष्कार के पैटर्न सामने आए हैं। न्याय एवं शांति आयोग (JEP) ने पुष्टि की है कि यह नीति नस्लीय भेदभाव को संस्थागत रूप से मजबूत करती है। यह नीति संरचनात्मक नस्लवाद को पुन: उत्पन्न और गहरा करती है। JEP के निष्कर्ष दर्शाते हैं कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई में अपनाई गई रणनीतियों ने पहले से मौजूद असमानताओं को और बढ़ाया है। यह भेदभावपूर्ण दृष्टिकोण कोलंबियाई समाज में हाशिए पर रहने वाले समुदायों को विशेष रूप से प्रभावित करता है। रिपोर्ट में नस्लवाद को एक संस्थागत समस्या के रूप में उजागर किया गया है, जिसके लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता है। यह मामला कोलंबिया में सामाजिक न्याय और समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।