गुआइनिया और विचदा क्षेत्रों में 2022-2026 के दौरान विश्वविद्यालय नियुक्ति (UTL) प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि एक वर्तमान गवर्नर, दो पूर्व मेयर, एक उत्तराधिकारी की पत्नी और एक पूर्व गवर्नर के पुत्र ने इन UTL पदों पर कब्जा किया। यह मामला राजनीतिक एहसानों के माध्यम से महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति का संकेत देता है। यह भ्रष्टाचार के आरोपों को जन्म देता है और सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता और योग्यता के मानदंडों पर सवाल उठाता है। 'ला सिल्ला वैकिया' की रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्तियां राजनीतिक संबंधों के आधार पर की गईं, न कि शैक्षणिक योग्यता के आधार पर। इस प्रकरण ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है और आगे जांच की मांग की जा रही है। यह दर्शाता है कि कैसे विश्वविद्यालय क्षेत्र भी राजनीतिक हस्तक्षेप से अछूता नहीं है।