गत 24 जून को चिली के तटीय क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा 1999 में हुई भूस्खलन से कहीं अधिक विनाशकारी थी। यह आपदा न केवल आकार और प्रकृति में बड़ी थी, बल्कि इसके प्रभाव भी अधिक व्यापक थे। यह घटना TalCual वेबसाइट पर प्रकाशित हुई है, जिसमें इसे ‘इक्विटी का इतिहास’ शीर्षक दिया गया है। लेखक, ग्रेगोरियो सालज़ार ने इस आपदा की भयावहता को उजागर किया है। आपदा के कारण तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है और जीवन की क्षति भी हुई है। इस आपदा ने क्षेत्र में पुनर्निर्माण और सहायता की तत्काल आवश्यकता को दर्शाया है। आने वाले समय में इस आपदा से उबरने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं की आवश्यकता है।