अध्ययनों से पता चला है कि जो बच्चे अपने माता-पिता के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए रखते हैं, उनमें एक समान विशेषता अक्सर देखी जाती है: भावनात्मक सुरक्षा। यह नियंत्रण या निगरानी के कारण नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित और सहायक वातावरण के कारण है जो बचपन में विकसित होता है। भावनात्मक सुरक्षा का अर्थ है कि बच्चे अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में सहज महसूस करते हैं, बिना किसी डर के आलोचना या अस्वीकृति के। यह माता-पिता और बच्चों के बीच विश्वास और समझ पर आधारित होता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि भावनात्मक रूप से सुरक्षित बच्चे वयस्क होने पर स्वस्थ संबंध बनाने और बनाए रखने में अधिक सक्षम होते हैं। यह भावनात्मक सुरक्षा ही है जो माता-पिता और उनके वयस्क बच्चों के बीच दीर्घकालिक घनिष्ठता को बढ़ावा देती है।
