नागरिक अधिकार मंच (CJP) ने घोषणा की है कि डिप्के की हिरासत के मद्देनजर उनके पास एक 'प्लान बी' तैयार है। डिप्के की गिरफ्तारी से संगठन के भीतर नेतृत्व की परीक्षा उत्पन्न हो गई है। इस स्थिति में, सीजेपी को तत्काल नेतृत्व के लिए विकल्पों पर विचार करना पड़ रहा है। 'प्लान बी' का उद्देश्य संगठन की गतिविधियों को जारी रखना और यह सुनिश्चित करना है कि डिप्के की अनुपस्थिति में भी काम सुचारू रूप से चलता रहे। सीजेपी के सूत्रों के अनुसार, यह योजना संगठन की संरचना और भविष्य की रणनीतियों को मजबूत करने पर केंद्रित है। डिप्के की हिरासत की परिस्थितियों को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं और सीजेपी इस मामले में कानूनी विकल्पों का पता लगा रहा है। यह घटनाक्रम सीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो इसके नेतृत्व और संगठनात्मक क्षमताओं का परीक्षण कर रहा है।