नागरिक समाज की 19 संगठनों ने न्यायालय सुधार को एक “ऐतिहासिक अवसर” बताया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि यह प्रक्रिया तभी विश्वसनीय होगी जब चयन प्रक्रिया पारदर्शी हो। संगठनों का कहना है कि इस प्रक्रिया में राजनीतिक नियंत्रण नहीं होना चाहिए और अंतर्राष्ट्रीय सत्यापन आवश्यक है। उन्होंने न्यायिक स्वतंत्रता और तकनीकी गारंटी की मांग की है। उनका मानना है कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट और वस्तुनिष्ठ तंत्र का होना महत्वपूर्ण है। नागरिक समाज चाहती है कि सुधार प्रक्रिया सभी संबंधित पक्षों के साथ परामर्श के बाद ही की जाए। यह कदम न्यायपालिका की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। संगठनों ने एक निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायपालिका के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।

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