चीन के कई विश्वविद्यालयों ने हाल ही में अंग्रेजी भाषा के क्रेडिट कम कर दिए हैं, कुछ ने तो इसे वैकल्पिक बना दिया है या पूरी तरह से पाठ्यक्रम से हटा दिया है। इस बदलाव से यह सवाल उठ रहा है कि क्या चीन में अंग्रेजी भाषा का महत्व कम हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय छात्रों को चीनी भाषा और संस्कृति पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छात्रों की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। यह कदम चीन की बढ़ती राष्ट्रवाद और आत्मनिर्भरता की नीतियों को भी दर्शाता है। इस बदलाव का छात्रों के भविष्य पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह अभी देखना बाकी है।