चीन के शोधकर्ताओं ने एक स्व-चालित क्रॉलर रोबोट विकसित किया है जो रेत से लौह निकालता है। इस उपकरण का परीक्षण उत्तर-पश्चिमी चीन के शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र में स्थित विशाल ताकलामाकन रेगिस्तान की रेत के टीलों में किया गया है। ताकलामाकन रेगिस्तान जर्मनी के आकार का क्षेत्र है। यह रोबोट फ्रैंक हर्बर्ट के उपन्यास ‘ड्यून’ में पाए जाने वाले उन मोबाइल कारखानों की तरह काम करता है, जो रेत में से ‘मसाला’ नामक दवा निकालते हैं। वास्तविक दुनिया का यह उपकरण भी वैसा ही काम करता है और रेगिस्तान में घूम-घूम कर कीमती लौह का खनन करता है। यह तकनीक रेगिस्तान को एक बड़े लौह खदान में बदलने की क्षमता रखती है।