मई महीने में चीन की अर्थव्यवस्था में बढ़ती असमानताओं के संकेत मिले हैं। रॉयटर्स के अनुसार, तीन साल से अधिक समय में पहली बार खुदरा बिक्री में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि निवेश में भारी कमी आई है। वहीं, औद्योगिक उत्पादन की गति में तेजी आई है। हाल ही में जारी सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि चीन की आर्थिक वृद्धि दो गति से हो रही है - एक तरफ खुदरा और निवेश में मंदी, और दूसरी तरफ औद्योगिक क्षेत्र में तेजी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक है और सरकार को नीतिगत हस्तक्षेप करने की आवश्यकता हो सकती है। यह असंतुलन वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि चीन दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था है। इन आंकड़ों के बाद, चीन की आर्थिक नीतियों और भविष्य की संभावनाओं पर बहस तेज हो गई है।
