चीनी कम्युनिस्ट पार्टी इस सप्ताह अपनी स्थापना की 105वीं वर्षगांठ मना रही है। पार्टी अपनी उपलब्धियों का जश्न समारोहों और पदकों के साथ मना रही है, लेकिन भीतर ही भीतर डर का माहौल है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान अब सभी प्रशासनिक स्तरों पर बेचैनी पैदा कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआत में सराहे गए इस अभियान को अब संदेह और व्यंग्य की दृष्टि से देखा जा रहा है। भ्रष्टाचार की परिभाषा का विस्तार होने से अब 'राजनीतिक अनुशासन' की कमी को भी अपराध माना जा रहा है। नियमों में स्पष्टता की कमी के कारण सरकारी अधिकारी अब निर्णय लेने से कतरा रहे हैं। ऐसे में देश के सामने मौजूद बड़ी चुनौतियों से निपटने में यह प्रशासनिक शिथिलता बाधा बन रही है।