चीन ने ऑस्ट्रेलिया से मटन आयात पर 55 प्रतिशत कर लगाने की घोषणा की है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया से होने वाला निर्यात चीन द्वारा निर्धारित वार्षिक सीमा तक पहुँच गया है। यह शुल्क लगने के बाद ऑस्ट्रेलिया से मटन का आयात महंगा हो जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि चीन में मटन की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण आपूर्ति में वृद्धि और मांग में कमी है, जो देश की आर्थिक मंदी के कारण हुई है। चीन की अर्थव्यवस्था दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और इसकी मंदी का वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है। इस शुल्क के कारण ऑस्ट्रेलिया के मटन निर्यातकों को नुकसान होने की संभावना है। यह कदम चीन और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार संबंधों में तनाव का संकेत भी दे सकता है। भविष्य में इस मामले पर और अधिक विकास होने की संभावना है।