ताइवान लंबे समय से चीनी सैन्य आक्रमण के लिए तैयारी कर रहा है, लेकिन ईरान और यूक्रेन में चल रहे युद्ध नए संभावित खतरों को उजागर करते हैं। विशेषज्ञ अब इस बात पर विचार कर रहे हैं कि चीन ताइवान के चारों ओर ईरान की हरमुज जलडमरूमध्य की तरह नाकेबंदी करने का प्रयास कर सकता है। यह रणनीति सीधे आक्रमण से अलग है और इसमें ताइवान को बाहरी सहायता से वंचित करने के लिए नौसैनिक शक्ति का उपयोग करना शामिल होगा। ऐसा कदम ताइवान की अर्थव्यवस्था को गंभीर रूप से बाधित कर सकता है और द्वीप को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर कर सकता है। इस परिदृश्य के कारण क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि ताइवान को इस नए खतरे के लिए अपनी रक्षा योजनाओं को अनुकूलित करने की आवश्यकता है।