हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, चीन ने रूसी सैनिकों को गुप्त रूप से सैन्य प्रशिक्षण प्रदान किया है। यह प्रशिक्षण रूस के उच्च अधिकारियों की सहमति से पिछले वर्ष आयोजित किया गया था। जर्मनी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और चीन के राजदूत को तलब किया है। जर्मन विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और स्पष्टीकरण मांगा है। चीन पर आरोप है कि उसने अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है और रूस को सैन्य सहायता प्रदान की है। यह घटना यूक्रेन में चल रहे युद्ध के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जर्मनी ने चीन से इस मामले में पारदर्शिता बरतने और भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचने का आग्रह किया है।