चीन में आजकल लोग अपनी दिनचर्या में अंग्रेजी संक्षेपों का खूब इस्तेमाल कर रहे हैं। काम पर “पीपीटी” बनाना, “पीएस तू” से फोटोशॉप करना, दोस्तों के साथ “चांग के” (कराओके) करना और ग्रुप फोटो में “सी वेई” (सेंटर स्पॉट) लेना आम बात है। ये सभी वाक्यांश अंग्रेजी के संक्षिप्त रूपों को सीधे तौर पर अपनाने की प्रवृत्ति से उपजे हैं, जिन्हें अक्षर-अक्षर करके उच्चारित किया जाता है। यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान का एक स्वाभाविक परिणाम है, लेकिन कुछ लोग इस प्रवृत्ति को चीन की सांस्कृतिक पहचान के लिए हानिकारक मानते हैं। चिंता यह है कि अंग्रेजी संक्षेपों का अत्यधिक उपयोग चीनी भाषा और संस्कृति के प्रति आत्मविश्वास को कम कर सकता है। यह बहस चीन में भाषा और संस्कृति के संरक्षण को लेकर चल रही व्यापक चर्चा का हिस्सा है। इस विषय पर विशेषज्ञों और आम जनता के बीच अलग-अलग मत हैं।