केन्या में, अडानी समूह के साथ हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण का समझौता रद्द होने के बाद, चीन की रोड एंड ब्रिज कॉर्पोरेशन (CRBC) को 1.2 बिलियन डॉलर का अनुबंध मिला है। इसी तरह, फ्रांस की विंसी कंपनी को एक राजमार्ग परियोजना खोनी पड़ी, जिसे बाद में CRBC और एक अन्य चीनी फर्म ने संभाला। इन सौदों में, मूल रूप से राष्ट्रीय सरकार को सभी जोखिम उठाने थे, जिससे सार्वजनिक लागत बढ़ने की आशंका थी। यह पैटर्न अफ्रीका में बुनियादी ढांचे के विकास में चीन के बढ़ते प्रभाव और अन्य देशों के साथ प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करता है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि तुर्की भी इस क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे चीन पर अप्रत्यक्ष दबाव बढ़ सकता है। केन्या में ये घटनाएं अफ्रीका के बुनियादी ढांचे के बाजार में भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा को दर्शाती हैं। इन परियोजनाओं का भविष्य और इनसे जुड़ी शर्तें, अफ्रीका के विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकती हैं।