चीन ने एक नए जातीय एकता कानून के तहत विदेशों में रहने वाले अपने नागरिकों पर कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार जताया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह कानून अगले सप्ताह, एक जुलाई से लागू होगा। इस कानून में एक विवादास्पद प्रावधान है जिसके तहत चीन विदेशों में रहने वाले लोगों को भी जवाबदेह ठहरा सकता है। आलोचकों का कहना है कि यह प्रावधान चीन की सीमा के बाहर भी अपनी पहुंच बढ़ाने का प्रयास है। चीन का तर्क है कि यह कानून राष्ट्रीय एकता और सामाजिक स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक है। मार्च में पारित इस कानून का उद्देश्य विभिन्न जातीय समूहों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देना है, लेकिन इसकी व्याख्या और संभावित दुरुपयोग को लेकर चिंताएं जताई जा रही हैं। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहस का विषय बन गया है।