चीन ने हाल ही में ‘जातीय एकता’ से संबंधित एक नया कानून पारित किया है। बीजिंग के एक उच्च अधिकारी ने बुधवार को कहा कि इस कानून के तहत चीन की सीमा के बाहर रहने वाले उन लोगों पर भी कार्रवाई की जा सकती है जो इस कानून का उल्लंघन करते हैं। चीन का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के अनुरूप है और कानूनी रूप से जायज़ है। यह कानून मार्च में अपनाया गया था, जिसका उद्देश्य जातीय एकता को बढ़ावा देना है। आलोचकों का मानना है कि इस कानून का उपयोग असंतोष को दबाने और मानवाधिकारों का हनन करने के लिए किया जा सकता है। इस कानून के दायरे और संभावित प्रभावों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं बढ़ रही हैं। चीन का यह रुख विदेशों में रहने वाले चीनी नागरिकों और अन्य देशों के साथ उसके संबंधों पर असर डाल सकता है।
