चीन में जातीय एकता से संबंधित नया कानून एक जुलाई से लागू होगा। यह कानून जातीय अल्पसंख्यकों के बीच चीनी भाषा के उपयोग को प्राथमिकता देता है और जातीय अलगाववादी गतिविधियों को दंडनीय बनाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कानून ‘एक चीन’ नीति को कानूनी मान्यता देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कानून के तहत, चीन सरकार जातीय समूहों में राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने का प्रयास करेगी। आलोचकों का कहना है कि यह कानून अल्पसंख्यकों की सांस्कृतिक पहचान को दबाने का प्रयास है। यह कानून तिब्बत और शिनजियांग जैसे क्षेत्रों में तनाव बढ़ा सकता है, जहां स्वायत्तता की मांगें उठती रही हैं। चीन सरकार का कहना है कि यह कानून राष्ट्रीय एकता और स्थिरता को बढ़ावा देगा।