चीन ने हाल ही में जातीय एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक नया कानून लागू किया है। न्याय मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इस कानून के तहत विदेशियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी और आवश्यक है। बीजिंग का तर्क है कि यह कानून देश की एकता को मजबूत करेगा। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि इस कानून का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों के खिलाफ दमन और विदेशियों तथा विदेशों में काम कर रही कंपनियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है। यह कानून विशेष रूप से उन विदेशियों को लक्षित कर सकता है जो चीनी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हैं। आलोचकों का कहना है कि कानून अस्पष्ट है और इसका दुरुपयोग किया जा सकता है। इस कदम से चीन में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।