अमेरिका के केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के डिप्टी डायरेक्टर, माइकल एलिस ने हाल ही में यह संकेत दिया है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियां बीजिंग की जासूसी कर रही हैं। इस बयान ने आगामी नेताओं की प्रस्तावित बैठक से पहले तनाव बढ़ा दिया है। चीन ने एलिस के इस आरोप को “डाकू” मानसिकता का प्रदर्शन बताते हुए कड़ी आलोचना की है। चीनी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका का यह व्यवहार अंतर्राष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन है और आपसी विश्वास को कमजोर करता है। बीजिंग ने इस तरह के जासूसी गतिविधियों को रोकने और द्विपक्षीय संबंधों में सुधार करने के लिए अमेरिका से स्पष्टीकरण की मांग की है। यह आरोप-प्रत्यारोप दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बना सकता है। माना जा रहा है कि इससे आगामी शिखर बैठक पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।