एक नए व्यापक अध्ययन से पता चला है कि बचपन में खराब नींद की आदत वाले बच्चों में किशोरावस्था में डिप्रेशन विकसित होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ [unspecified - text ends abruptly] द्वारा किए गए इस शोध में नींद की आदतों और मानसिक स्वास्थ्य के बीच एक मजबूत संबंध पाया गया। अध्ययन में पाया गया कि जो बच्चे बचपन में नियमित रूप से पर्याप्त नींद नहीं लेते थे, उनमें किशोरावस्था में डिप्रेशन होने की संभावना उन बच्चों की तुलना में अधिक थी जो अच्छी नींद लेते थे। शोधकर्ताओं का कहना है कि नींद की कमी मस्तिष्क के विकास और भावनात्मक विनियमन को प्रभावित कर सकती है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। इस अध्ययन के निष्कर्षों से माता-पिता और स्वास्थ्य पेशेवरों को बच्चों में स्वस्थ नींद की आदतों को बढ़ावा देने के महत्व पर ध्यान देने की आवश्यकता है। शुरुआती हस्तक्षेप से किशोरों में डिप्रेशन के मामलों को कम करने में मदद मिल सकती है।
