नार्वे में बाल संरक्षण सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एक नई रिपोर्ट में गंभीर चिंताएं जताई गई हैं। श्रम निरीक्षणालय (Arbeidstilsynet) की इस रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश कर्मचारी उच्च कार्य दबाव, भावनात्मक तनाव और हिंसा व धमकियों के जोखिम का सामना करते हैं। रिपोर्ट में पाया गया है कि लगभग 80% संस्थानों ने अपने कर्मचारियों को हिंसा से बचाने के लिए व्यवस्थित जोखिम मूल्यांकन नहीं किया है। इसके अतिरिक्त, 30% संस्थानों में कर्मचारियों को हिंसा और धमकियों से निपटने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी नहीं दिया गया है। यह स्थिति कर्मचारियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। रिपोर्ट में तत्काल सुरक्षा उपायों और बेहतर प्रशिक्षण की सिफारिश की गई है ताकि बाल संरक्षण कर्मियों को सुरक्षित वातावरण में काम करने में मदद मिल सके। यह मुद्दा नार्वे में बाल कल्याण प्रणाली की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है।
