कनाडा सरकार ने विदेशी कंपनियों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच करने वाले एक स्वतंत्र निगरानी तंत्र को समाप्त करने का निर्णय लिया है। पूर्व बैंक ऑफ़ इंग्लैंड गवर्नर मार्क कार्नी ने इस कार्यालय की 2019 में स्थापना के बाद से ही इसे ‘अप्रभावी’ बताया था। इस कदम की घोषणा ऐसे समय में आई है जब कनाडा पर डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन द्वारा जबरन श्रम के खिलाफ प्रयासों को लेकर आलोचना की जा रही है। कार्नी के अनुसार, यह कार्यालय अपनी मंशा को पूरा करने में विफल रहा है। सरकार का कहना है कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अन्य तरीके तलाशे जाएंगे। आलोचकों का मानना है कि इस फैसले से कनाडाई कंपनियों द्वारा विदेशों में किए जाने वाले मानवाधिकारों के हनन पर जवाबदेही कम हो जाएगी। इस कदम से कनाडा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता पर भी सवाल उठ सकते हैं।
