कैमरून की संवैधानिक परिषद ने विपक्षी दल, मूवमेंट फॉर द रिनेसांस ऑफ कैमरून (MRC) की याचिका को अस्वीकार्य घोषित कर दिया है। यह याचिका राष्ट्रपति पॉल बिया द्वारा जारी एक डिक्री को चुनौती देती थी, जिसमें 2020 में चुने गए नगर परिषदों के सदस्यों का कार्यकाल 2027 तक बढ़ाने का प्रावधान था। परिषद ने कहा कि वह डिक्री की संवैधानिकता पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत नहीं है, बल्कि केवल कानूनों की संवैधानिकता की समीक्षा कर सकती है। एमआरसी ने इस डिक्री को "अवैध" और "असंवैधानिक" बताते हुए इसे चुनौती दी थी, और दावा किया था कि इससे नगर परिषदों में रिक्ति पैदा हो गई है। परिषद के फैसले से स्थानीय चुनावों में देरी की पुष्टि होती है, जो अब 2027 में होंगे। इस फैसले से एमआरसी और राष्ट्रपति बिया के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव बढ़ने की संभावना है। यह मामला कैमरून की राजनीतिक व्यवस्था और संवैधानिक ढांचे के लिए महत्वपूर्ण है।
