कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में जेसन अर्डे की नियुक्ति पर शिक्षाविदों के एक समूह ने स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय को अपनी नियुक्ति प्रक्रिया का स्वयं मूल्यांकन नहीं करना चाहिए। प्रोफेसर प्रियामवदा गोपाल, जो इस समूह का हिस्सा हैं, ने जोर देकर कहा कि कैम्ब्रिज को “अपनी गृहकार्य की जांच” नहीं करनी चाहिए। यह मांग पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए की गई है। जांच से नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी संभावित समस्या का पता चल सकता है। शिक्षाविदों का मानना है कि एक स्वतंत्र जांच से विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता बनी रहेगी। यह मामला अकादमिक जगत में नियुक्ति प्रक्रियाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।