एबरडीन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की एक टीम ने पाया है कि जो लोग अपनी कैलोरी की मात्रा कम करते हैं, वे दिन के सबसे भारी भोजन के समय कुल कैलोरी की समान मात्रा का सेवन करते हैं। इस अध्ययन से पता चलता है कि भोजन का समय, कैलोरी सेवन को प्रभावित नहीं करता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि कुल कैलोरी की मात्रा ही मायने रखती है, चाहे वह नाश्ते में ली जाए या रात के खाने में। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि लोग अपनी कैलोरी की कमी को पूरा करने के लिए, भोजन के समय को समायोजित करने के बजाय अधिक खाने की प्रवृत्ति रखते हैं। यह निष्कर्ष वजन प्रबंधन और स्वस्थ खान-पान की आदतों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देते हैं। इसका मतलब है कि लोग अपनी पसंद के अनुसार नाश्ता या रात का खाना भारी खा सकते हैं, बशर्ते वे कुल कैलोरी की मात्रा को नियंत्रित रखें। यह अध्ययन भोजन के समय के बजाय कैलोरी संतुलन पर अधिक ध्यान केंद्रित करने की सलाह देता है।