प्रसिद्ध लेखक एंटोनियो कार्लोस कोर्टेज़ ने समकालीन कविता की गुणवत्ता पर निराशा व्यक्त की है, और कहा है कि वर्तमान में कम और खराब कविता पढ़ी जा रही है। उन्होंने लुइस डी कामोएस को पुर्तगाली साहित्य का सर्वश्रेष्ठ व्याख्याकार बताया। कोर्टेज़ ने ट्रम्पवाद के सांस्कृतिक प्रभाव और संस्कृति के ‘त्योहारकरण’ (festivalização) के प्रति आगाह किया है। उन्होंने शिक्षा में मानवतावाद और साहित्य के अभाव पर भी चिंता जताई। उनका मानना है कि इन प्रवृत्तियों से सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कोर्टेज़ ने एक मजबूत साहित्यिक और सांस्कृतिक नींव के महत्व पर जोर दिया, जो एक स्वस्थ समाज के लिए आवश्यक है। उन्होंने शिक्षा प्रणाली में साहित्य और कला को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।